दंत स्वास्थ्य
मुँह में बार-बार छाले: कब सामान्य हैं और कब जाँच ज़रूरी है
मुँह का छाला छोटी सी चीज़ लगती है, पर जब तक रहता है, खाना-पीना और बोलना तक मुश्किल कर देता है। ज़्यादातर छाले हानिरहित होते हैं और अपने आप भर जाते हैं। पर एक स्थिति ऐसी है जिसमें इंतज़ार करना बिल्कुल नहीं चाहिए — और वही इस लेख का सबसे ज़रूरी हिस्सा है।
आम छाले होते क्यों हैं
सबसे आम प्रकार को एफ़्थस अल्सर कहते हैं — गोल या अंडाकार, बीच में सफ़ेद-पीला और किनारे लाल, अक्सर गाल के भीतर, होंठ के अंदर या जीभ के किनारे। कारण एक नहीं, कई होते हैं:
- पोषक तत्वों की कमी — विटामिन बी12, आयरन और फ़ोलेट की कमी सबसे आम कारण है, ख़ासकर शाकाहारी भोजन और महिलाओं में
- चोट या रगड़ — गाल कट जाना, कड़े ब्रश से चोट, नुकीला दाँत, टूटी भराई या ढीला डेंचर
- तनाव और नींद की कमी — परीक्षा, यात्रा या किसी दबाव के दौर में छाले बढ़ जाना बहुत आम है
- बहुत तीखा या गरम भोजन
- हार्मोनल बदलाव — कुछ महिलाओं में मासिक चक्र के साथ
- पेट या आँत की समस्याएँ — कुछ मामलों में
घर पर क्या करें
- गुनगुने नमक-पानी से दिन में दो-तीन बार हल्का कुल्ला करें
- बहुत तीखा, खट्टा, नमकीन और कुरकुरा भोजन कुछ दिन टालें
- मुलायम ब्रश का उपयोग करें और छाले वाली जगह पर सावधानी बरतें
- पर्याप्त पानी पिएँ और नींद पूरी करें
- दूध, दही और ठंडी चीज़ें राहत देती हैं
- छाले पर दर्द निवारक गोली रखकर न छोड़ें — इससे जलन बढ़ती है
अधिकांश छाले एक-दो हफ़्ते में अपने आप भर जाते हैं। दवा उन्हें जल्दी भरने में उतनी मदद नहीं करती जितनी दर्द कम करने में।
यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है: दो हफ़्ते का नियम
एक बात याद रखने लायक़ है, और यही इस लेख का सार है:
मुँह का कोई भी छाला, घाव या चकत्ता जो दो हफ़्तों में न भरे, उसे डेंटिस्ट को दिखाना ज़रूरी है।
ऐसा इसलिए, क्योंकि मुँह के कैंसर की शुरुआत अक्सर एक साधारण दिखने वाले छाले से ही होती है। और उसकी सबसे धोखा देने वाली बात यह है कि शुरुआत में वह दर्द नहीं करता — इसीलिए लोग उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
ये संकेत विशेष रूप से ध्यान माँगते हैं:
- छाला जो दो हफ़्तों बाद भी वैसा ही है या बढ़ रहा है
- घाव जिसमें दर्द नहीं होता
- किनारे कड़े या उभरे हुए लगना
- छूने पर ख़ून आना
- मुँह में सफ़ेद या लाल चकत्ता जो हटता नहीं
- गाल या जीभ में गाँठ, या मुँह खुलना कम होना
- निगलने में तकलीफ़ या आवाज़ में लगातार बदलाव
घबराने की ज़रूरत नहीं, पर जाँच की है
यह साफ़ कर देना ज़रूरी है: मुँह के अधिकांश छाले कैंसर नहीं होते। बहुत बड़ा बहुमत साधारण एफ़्थस अल्सर या चोट का नतीजा होता है, जो अपने आप भर जाता है।
पर जाँच में लगने वाले पाँच मिनट और परामर्श का छोटा-सा शुल्क उस जोखिम के मुक़ाबले कुछ नहीं है जो देर करने से बनता है। मुँह के कैंसर में शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाना और देर से पकड़ में आना — इन दोनों के नतीजों में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है।
जो छाले बार-बार एक ही जगह हों
अगर छाला हर बार ठीक उसी जगह होता है, तो अक्सर कारण यांत्रिक होता है — कोई नुकीला दाँत, टूटी हुई भराई, ढीला डेंचर या ब्रेसेस का कोई तार वहाँ रगड़ रहा होता है। यह आसानी से ठीक हो जाता है, और उसके बाद छाले आना बंद हो जाते हैं। ऐसी लगातार रगड़ को वर्षों तक चलने देना ठीक नहीं।
कोई छाला दो हफ़्तों से ठीक नहीं हो रहा? इंतज़ार न करें। जनता डेंटल क्लिनिक, मुज़फ़्फ़रपुर में जाँच के लिए संपर्क करें — परामर्श ₹200, और ज़रूरतमंद मरीज़ों तथा शिविरों में नि:शुल्क। कॉल करें: 95726 63116।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुँह के छाले कितने दिन में ठीक हो जाते हैं?
सामान्य छाले (एफ़्थस अल्सर) आम तौर पर 7 से 14 दिनों में अपने आप भर जाते हैं, बिना किसी निशान के। अगर कोई छाला दो हफ़्तों से अधिक बना रहे, तो उसे सामान्य नहीं मानना चाहिए और जाँच करानी चाहिए।
बार-बार छाले होने का कारण क्या है?
सबसे आम कारण हैं — विटामिन बी12, आयरन या फ़ोलेट की कमी, मानसिक तनाव और नींद की कमी, दाँत या डेंचर के किसी नुकीले किनारे से लगातार रगड़, बहुत तीखा या गरम भोजन, और कुछ लोगों में पेट या आँत से जुड़ी समस्याएँ। बार-बार होने पर ख़ून की जाँच से कमी पकड़ में आ जाती है।
छाले में सबसे बड़ा ख़तरे का संकेत क्या है?
कोई भी छाला, घाव या चकत्ता जो दो हफ़्तों में न भरे — ख़ासकर अगर वह दर्द न कर रहा हो, किनारे कड़े हों, या उसमें से ख़ून आता हो। तंबाकू या खैनी लेने वालों में यह संकेत और भी गंभीर है और इसे तुरंत दिखाना चाहिए।